भुलाए जाने का अधिकार

2008 में रियलिटी शो बिग बॉस विजेता आशुतोष कौशिक ने अपने ‘भुलाए जाने के अधिकार’ (Right to be Forgotten) का हवाला देते हुए अपने नाम से वीडियो, फोटो और लेख आदि को इंटरनेट से हटाने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है।

महत्वपूर्ण तथ्यः याचिका में उल्लेख किया गया है कि एक दशक पहले उनके तुच्छ कृत्यों से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है, क्योंकि उनके वीडियो, फोटो और लेख आदि विभिन्न सर्च इंजन/डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अब भी मौजूद हैं।

  • ‘भुलाए जाने का अधिकार’ व्यक्ति के ‘निजता के अधिकार’ के दायरे में आता है।
  • 2017 में, सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले ....
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