आधारभूत ढांचे का सिद्धांत
भारतीय संविधान में कहीं भी ‘आधारभूत ढांचा’ शब्द का उल्लेख नहीं है। यह विचार विभिन्न न्यायिक वादों के जरिये समय के साथ धीरे-धीरे विकसित हुआ कि संसद ऐसे कानून प्रस्तुत नहीं कर सकती, जो संविधान की मूल संरचना में संशोधन करते हों।
- केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) के मामले में सर्वोच्च न्यायालय की 13 जजों की अब तक की सबसे बड़ी संवैधानिक पीठ ने बुनियादी संरचना या आधारभूत ढांचे के सिद्धांत को परिभाषित किया था।
आधारभूत संरचना का सिद्धांत क्या है?
- संविधान की आधारभूत संरचना का सिद्धांत न्यायिक समीक्षा का एक रूप है, जिसका उपयोग अदालतों विशेष रूप से सर्वोच्च ....
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