इसके अंतर्गत विमान ईंधन दक्षता में सुधार, कुशल वायु यातायात नियंत्रण की अगली पीढ़ी को विकसित करने और भविष्य में दुनिया भर में कार्बन रहित वायु परिवहन की पहुँच सुनिश्चित करने के लिये नई प्रौद्योगिकियों और इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं का विकास करना शामिल है।