अरुणाचल में एक साथ दिखी मोनाल की दो प्रजातियां

अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले में यिंगकिओंग और सिंग्गा के बीच स्थित ‘माउंट एको डंबिंग’ (Mount Eko Dumbing) में मोनाल की दो प्रजातियां को देखा गया।

स्क्लेटर मोनाल(Sclater's Monal)% इसे ‘लोफोफोरस स्क्लेटरी’ (Lophophorus Sclateri) भी कहा जाता है। यह आमतौर पर दक्षिणी चीन और उत्तरी म्यांमार में पाया जाता है।

  • आवास नुकसान और शिकार के कारण IUCN द्वारा इसे ‘अतिवंवेदंशील’ (vulnerable)के रूप में सूचीबद्ध किया गया है साथ ही यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में भी शामिल है।

हिमालयन मोनालः इसे ‘लोफोफोरस इम्पेजेनस’ (Lophophorus impejanus) भी कहा जाता है।

  • यह एक रंगीन पक्षी है, जो हिमालय पर्वतमाला में अफगानिस्तान से पूर्वोत्तर भारत में व्यापक रूप से पाया जाता है। IUCN द्वारा इसे ‘चिंता मुक्त’ (Least Concern) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है ।

अन्य तथ्यः मोनाल पक्षी तीतर (pheasant) परिवार के वंश (जीनस) लोफोफोरस से संबंधित है, जिसे ‘फासियानिडे’ (Phasianidae) कहा जाता है।

जीके फैक्ट

  • औसत समुद्र तल से 4173 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंट एको डंबिंग, ऊपरी सियांग जिले की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है, जो वर्ष के अधिकांश समय बर्फ से ढकी रहती है।

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