गठन : वर्ष 2013 में। इसने अपनी रिपोर्ट 21 जनवरी, 2014 को सौंप दी।
अध्यक्ष : डॉ. उर्जित पटेल
उद्देश्य : मौद्रिक नीति के ढांचा में संशोधन और इसे मजबूत करना।
रिपोर्ट में मौद्रिक नीति के संचालन की विनियमन, राजकोषीय तथा अन्य बाधाओं को चिह्नित करने के साथ ही मौद्रिक नीति के संगठनात्मक ढांचे तथा उसके परिचालन की रुपरेखा व उसके उपकरणों की समीक्षा करना आदि।
प्रमुख सिफारिशें :
मौद्रिक नीति के निर्धारण के लिए आरबीआई को नया CPI अपनाना चाहिए।
मौद्रिक नीति संबंधी निर्णय MPC (मौद्रिक निति समिति) को सौंपा जाना चाहिए, जिसका अध्यक्ष आरबीआई गवर्नर हो।
सरकार को राजकोषीय घाटे को FRBM एक्ट, 2003 के तहत 2016-17 तक 3% तक लाना चाहिए।
MSS (बाजार स्थिरीकरण योजना) तथा CMB (नगद प्रबंधन बिल) को समाप्त किया जाना चाहिए।