इस संधि को वर्ष 1971 में हस्ताक्षरित किया गया था, जिसकी 50वीं वर्षगांठ 2021 में मनाई गई। सोवियत संघ के विघटन के बाद इसे राष्ट्रपति के दौरान भारत-रूस मैत्री और सहयोग की 20 वर्षीय संधि द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था। इस संधि के तहत दोनों देशों ने एक-दूसरे के पक्ष की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की प्रतिबद्धता कायम की है। इसका उद्देश्य एक-दूसरे के मध्य नियमित सम्पर्क को बनाये रखना तथा दोनों देशों के हितों को प्रभावित करने वाले मुद्दे पर बैठक करना है।