भारत-रूस सैन्य-तकनीकी सहयोग एक क्रेता-विक्रेता ढांचे से विकसित हुआ है, जिसमें उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों के संयुक्त अनुसंधान, विकास और उत्पादन शामिल हैं। दोनों देश नियमित रूप से त्रि-सेवा अभ्यास ‘इंद्र’ आयोजित करते हैं। इसके साथ ही ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल कार्यक्रम, 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू जेट कार्यक्रम, सुखोई एसयू-30 एमकेआई कार्यक्रम, इल्यूशिन/एचएएल सामरिक परिवहन विमान, KA-226T ट्विन-इंजन यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, एस-400 ट्रायम्फ, कामोव Ka-226, टी-90 एस भीष्म पनडुब्बी, ‘फॉक्सट्रॉट क्लास’ जैसे रक्षा उपकरण रूस से प्राप्त कर रहा है।