पहली भारत-रूस 2+2 वार्ता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 2+2 वार्ता में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व किया, जबकि रूसी पक्ष का प्रतिनिधित्व उनके विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने किया। भारत और रूस ने 6,01,427 असॉल्ट राइफल्स AK-203 की खरीद के लिए 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते पर हस्ताक्षर किए।

  • इनका निर्माण उत्तर प्रदेश के कोरवा, अमेठी में एक संयुक्त उद्यम, ‘इंडो-रूसी राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड’ (IRRPL) द्वारा किया जाएगा। AK-203 राइफल की प्रभावी रेंज 300 मीटर है और इसका हल्का वजन है। सक्षम तकनीक के साथ इस आधुनिक असॉल्ट राइफल का उपयोग करना आसान है।
  • कलाश्निकोव श्रृंखला (Kalashnikov series) के छोटे हथियारों के निर्माण के क्षेत्र में सहयोग पर 2019 के समझौते में संशोधन के प्रोटोकॉल संबंधी अन्य समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।
  • दोनों देशों द्वारा अगले दशक वर्ष 2021 से 2031 तक के एक सैन्य प्रौद्योगिकी सहयोग के लिये एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किया गया।

इंडो-रशिया राइफ़ल्स प्राइवेट लिमिटेड

यह उत्तर प्रदेश के अमेठी में राइफल निर्माण की सुविधा है। यह आयुध निर्माणी बोर्ड और रूस की कलाश्निकोव का एक संयुक्त उद्यम है। कलाश्निकोव दुनिया में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली बंदूकों में से एक है। कलाश्निकोव श्रेणी की बंदूकों की लगभग 72 मिलियन राइफलें प्रचलन में हैं। AK-47 भी कलाश्निकोव श्रेणी की बंदूक है। AK-19 और AK-204 बंदूक के उन्नत संस्करण हैं। AK-203 SIG716 के साथ भारत की AK-47 और INSAS राइफलों की जगह लेगा। SIG716 अमेरिका बेस्ड ैप्ळ SIG Sauer द्वारा निर्मित है।