दिसंबर 1991 में सोवियत संघ के विघटन के पश्चात, नये रूसी राष्ट्रपति बोरिस यैल्तसिन ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ घनिष्ठ संबंधों को कायम रखा और भारत के साथ ‘‘व्यावहारिक नवीनीकरण’’ की आवश्यकता पर भी जोर दिया। दोनों देश वर्ष 2025 तक द्विपक्षीय निवेश को 50 अरब अमेरिकी डॉलर और द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का जोर दे रहे हैं।
वित्त वर्ष 2020 के दौरान द्विपक्षीय व्यापार 8.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था। 2013 से 2016 तक दोनों देशों के बीच व्यापार प्रतिशत में बड़ी गिरावट आई थी। हालांकि, यह 2017 से बढ़ा और 2018 और 2019 में भी लगातार वृद्धि देखी गई।
नवम्वर 2022 को रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine war) के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस- जयशंकर (S.Jaishankar) की मास्को यात्रा की तथा यात्रा के दौरान उन्होंने भारत रूस से तेल खरीदने की प्रतिबद्धता पर बल दिया तथा रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों की द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और साझा हितों वाले वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की गयी।