​एल्युमीनियम से निर्मित रेल बोगियां

अक्टूबर 2022 में केंद्रीय रेल मंत्री ने देश की पहली एल्यूमीनियम बोगी वाली मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाई।

विनिर्माण: बेस्को लिमिटेड वैगन डिवीजन और एल्यूमीनियम क्षेत्र की अग्रणी कंपनी हिडाल्को के सहयोग से किया गया। साथ ही, भारतीय रेलवे आने वाले वर्षों में एक लाख से अधिक एल्यूमीनियम बोगियों का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।

  • वर्तमान में, राजधानी और शताब्दी जैसी भारतीय हाई-स्पीड ट्रेनों में स्टेनलेस स्टील से बनी लिके-हॉफमैन-बुश (स्भ्ठ) बोगियों का उपयोग कया जाता है।
  • एल्युमीनियम से निर्मित रेल बोगियों का महत्वः
    • इसके उपयोग से कार्बन फुटप्रिट में कमी आएगी। एक अनुमान के अनुसार, बोगी के वनज में प्रत्येक 100 कि-ग्रा- की कटौती करने से CO2 के उत्सर्जन में लगभग 8-10 टन की कमी आ सकती है।
    • एल्युमिनियम से बनी बोगियों का 100 प्रतिशत तक पुनर्चक्रण किया जा सकता है। यह पुनर्चक्रण, धातु की कीमतों में होने वाले वैश्विक उतार चढ़ाव के दौरान मदद करेगा।
    • यह पारंपरिक बोगियों की तुलना में प्रति ट्रिप 180 टन अतिरिक्त भार ले जाने में सक्षम है।
    • एल्यूमिनियम बोगियों के विनिर्माण में कम समय लगता है और इस प्रकार इनका उत्पादन तेजी से किया जा सकता है।
    • लौह एवं इस्पात उद्योग बड़ी मात्र में निकल और कैडमियम पर आश्रित हैं, जिन्हें आयात करना पड़ता है। इसलिए एल्यूमीनियम बोगियों के उपयोग से इनके आयात में कमी आएगी।
    • यह घरेलू एल्यूमीनियम उद्योग के लिए बेहतर अवसर प्रदान कर सकता है।