पारम्परिक ज्ञान, विभिन्न स्थानीय समुदायों के अधिकार वाला वह ज्ञान है, जो उन्होंने पारम्परिक एवं वर्तमान दैनंदिन गतिविधियों के माध्यम से संचित किया है। किसी समुदाय तथा उसकी सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के स्थानीय पर्यावरण के साथ जुड़े हुए संबंध इस ज्ञान के आधार होते हैं। पारंपरिक ज्ञान उन प्रथाओं को संदर्भित करता है, जो स्थानीय समुदायों द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित, संरक्षित और उपयोग किए गए हैं।
जैव पूर्वेक्षण के परिणाम
भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम
आगे की राह