परिवहन क्षेत्र कार्बन उत्सर्जन में प्रमुख योगदानकर्त्ता है। केवल सड़क परिवहन के माध्यम से लगभग 33% पार्टिकुलेट मैटर का उत्सर्जन होता है। भारत वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करना चाहता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश के परिवहन क्षेत्र का विकार्बनीकरण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का एक व्यापक बाजार है और देश इस अवसर का लाभ उठाकर जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण के प्रति की गई अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर सकता है।
आवश्यकता
सरकार की प्रमुख पहल