शुरुआत : वर्ष 2019 में आरबीआई द्वारा भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 के अंतर्गत।
इसके तहत विनियमित गैर बैंकिंग संस्थाओं जैसे मोबाइल बैलट या अदायगी के लिए यूपीआई का प्रयोग करने वाली तकनीकी सक्षम भुगतान कंपनियों के माध्यम से होने वाले डिजिटल लेनदेन में सेवाओं की कमी से सम्बन्धित शिकायतों के लिए लागत रहित और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध कराया जाता है।