पुलिस बलों का आधुनिकीकरण

हाल ही में, केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 तक पांच वर्षों के लिए पुलिस बलों के आधुनिकीकरण की योजना को जारी रखने की स्वीकृति दी है।

उद्देश्यः राज्य पुलिस बलों को अत्याधुनिक तकनीकों से पर्याप्त रूप से लैस करना। इससे आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों पर राज्य सरकारों की निर्भरता में कमी होगी।

संबंधित मुद्दे

औपनिवेशिक विरासतः वर्तमान में भी पुलिस, भारतीय पुलिस अधिनियम, 1861 जैसे औपनिवेशिक कानूनों पर आधारित है। अंग्रेजों ने लोगों की आवाज को दबाने और अपने निजी कार्यों के लिए पुलिस को अपने साधन के रूप में उपयोग किया था।

पुलिस का राजनीतिकरणः राजनेताओं के हस्तक्षेप के कारण पुलिस अधिकारी अपना कार्य पूर्ण क्षमता से नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही, उच्च पद पर आसीन अधिकारियों के लिए कोई न्यूनतम कार्यकाल सुरक्षा भी नहीं है।

  • द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (2007) ने उल्लेख किया है कि अतीत में राजनीतिक कार्यपालिका ने पुलिसकर्मियों को अनुचित रूप से प्रभावित करने और उन्हें व्यक्तिगत या राजनीतिक हितों की सेवा करने के लिए पुलिस नियंत्रण का दुरुपयोग किया है।

धीमी प्रगतिः “पुलिस-प्रशिक्षण, आधुनिकीकरण और सुधारों” पर संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, आदर्श पुलिस अधिनियम, 2006 के 15 वर्ष बाद भी केवल 17 राज्यों ने या तो कानून निमृत किये हैं या अपने मौजूदा कानूनों में संशोधन किये हैं।

सरकार की पहलें

  • स्मार्ट (SMART) पुलिसिंग नवाचारों और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए स्मार्ट पुलिसिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इसमें निहित है-
    • S- संवेदनशील और सख्त (Sensitive and Strict);
    • M- आधुनिक और गतिशील (Modern and Mobility);
    • A- सावधान और जवाबदेह (Alert and Accountable);
    • R- विश्वसनीय और उत्तरदायी (Reliable and Responsive); तथा
    • T- प्रशिक्षित और तकनीकी जानकार (Trained and Techno-savvy)।