भारत में ‘मैनुअल स्कैवेंजिंग’

बी.आर.अंबेडकर के अनुसार जाति प्रथा न केवल श्रम विभाजन की ओर ले जाती है बल्कि श्रमिकों का विभाजन भी करती है। सफाई कर्मचारी जहाँ वे हाथ से मैला ढोने वाले या ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स’ (Manual Scavengers), नालों की सफाई करने वाले, कचरा उठाने वाले और सड़कों की सफाई करने वाले के रूप में कार्य करते हैं।

  • सरकार के हाल के आँकड़ों के अनुसार, भारत में 97 प्रतिशत मैनुअल स्कैवेंजर्स दलित वर्ग के हैं।

सरकारी प्रयास : मैनुअल स्कैवेंजर्स के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 ;- मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा पर इस अधिनियम तहत प्रतिबंध आरोपित है|

प्रथा का कारण

  • अकुशल सीवेज प्रबंधन प्रणाली
  • अकुशल सफाई श्रमिकों का अपेक्षाकृत सस्ता होना
  • दैनिक मज़दूरी पर अवैध रूप से नियुक्त किया जाना
  • नीतियों का अप्रभावी क्रियान्वयन
  • मैनुअल स्कैवेंजर्स को मनोवैज्ञानिक रूप से मुक्त करने वाली रणनीति का आभाव
  • बुनियादी सुविधाओं , शिक्षा और रोज़गार तथा अवसरों की कमी

प्रभाव

  • इन कामों को समुदाय द्वारा हीन दृष्टि से देखा जाना
  • मैनुअल स्कैवेंजर्सके साथ अछूत जैसा व्यवहार किया जाना; काम करने वालों उनके बच्चों के भेदभाव किया जाता है
  • इनकी जाति को अभी भी निम्न का वर्ग माना जाता है जाता है।
  • मैला ढोने के कार्य को उनके प्राकृतिक पेशे के रूप में देखा जाना जाता है।
  • कार्बन डाइऑक्साइड, अमोनिया और मीथेन जैसी गैसों के संपर्क में आने सेस्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ का सामना
  • राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) के डेटाबेस के अनुसार, वर्ष 2013 से 2017 के बीच सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान 608 मैनुअल स्कैवेंजर्स मौत के शिकार हुए।

सरकारी पहल

  • मैनुअल स्कैवेंजर्स केनियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास (संशोधन) अधिनियम, 2020
  • मैनुअल स्कैवेंजर्स के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013
  • अस्वच्छ शौचालयों का निर्माण और रखरखाव अधिनियम 2013
  • अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989
  • सफाई मित्र सुरक्षा चुनौती
  • स्वच्छता अभियान ऐप

आगे की राह

  • मैनुअल स्कैवेंजिंग मानव अधिकारों का उल्लंघन तो है ऐसे में इनकी उपयुक्त पहचान करराज्य सरकारों को प्रभावी नीति कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के साथहितधारकों की सक्रिय भागीदारी तथाजन जागरूकता औरउपयुक्त मानव अपशिष्ट प्रबंधन में निवेश तथारोबोटिक स्कैवेंजिंग , रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ऐसी मशीनें तैयारकर ऐसी योजनाओं का कार्यान्वयन किया जाना चाहिये जिससे इसको प्रभावी रूप से रोका जा सके |