भारत में जल संसाधनों, जलवायु, अर्थव्यवस्था तथा कृषि प्रतिरूप के निर्धारण में हिमालय अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। हिमालय पारिस्थितिक तंत्र में होने वाले असंतुलन का स्पष्ट प्रभाव इन सभी क्षेत्रों पर देखने को मिलता है। इसके संरक्षण की दिशा में अनेक प्रयास किए गए हैं; किंतु संस्थाओं के मध्य समन्वय के अभाव, पर्याप्त धन की अनुपलब्धता तथा राजनैतिक तटस्थता के कारण अपेक्षित लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया जा सका है। इस दिशा में जन जागरूकता, सहभागिता तथा नीतियों के उचित क्रियान्वयन के माध्यम से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन के कार्यात्मक क्षेत्र
हिमालय पारिस्थितिक तंत्र का संरक्षण
सरकार द्वारा पहल