प्रतिभा पलायन

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में, 2 लाख के लगभग लोगों ने भारत से पलायन किया, जोकि 2021 के अपेक्षा 10 प्रतिशत ज्यादा था ।

प्रतिभा पलायन क्या है?

  • प्रतिभा पलायन एक उच्च चयनात्मक प्रवासन है । यह व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित होता है, जो विकसित या औद्योगिक देशों में प्रवासियों के लिए बेहतर जीवन स्तर प्रदान करता है। अधिकांशतया यह पलायन विकासशील देशों से विकसित देशों में होता है।

प्रतिभा पलायन के कारण

  • विदेशों में उच्च वेतन और बेहतर अवसर
  • भारत में पर्याप्त रोजगार की समस्या
  • दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली
  • उच्च स्तर के अनुसंधान एवं लैब का अभाव
  • व्यवसायों में अनिश्चितता
  • अवसरों की कमी
  • भारत में लोकप्रिय राजनीति के कारण, राजनीतिक पार्टियों का रोजगार, स्वास्थ्य-सुविधा तथा अवसंरचना की तरफ कम ध्यान देना

प्रतिभा पलायन रोकने के उपाय

  • देश में औद्योगीकरण का विकास करना।
  • देश में उच्च शिक्षण संस्थानों तथा उच्च शोध संस्थानों का निर्माण करना।
  • प्राइवेट नौकरियों में स्थिरता लाना तथा न्यूनतम वेतन की व्यवस्था करना।
  • शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर से जोड़ना।
  • भारतीय बाजार को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना।
  • राजनीतिक अशांति को स्थिर करना।

प्रतिभा पलायन से भारत को लाभ

  • प्रवासी भारतीय समुदाय ने पूरी दुनिया में अपने प्रतिभा को सभी को प्रभावित किया है। इससे विश्व भर में भारत की छवि ‘सॉफ्ट पॉवर’ के रूप में मजबूत हुई है।
  • प्रवासी भारतीयों से भारत को लगभग 70 अरब डॉलर रेमिटेंस प्राप्त होती है।
  • प्रवासी भारतीयों द्वारा स्वदेश लौटकर घरेलू स्टार्ट-अप एवं शोध एवं विकास में सहायता प्रदान करना।

प्रतिभा पलायन से संबंधित हानि

  • भारत से कुशल और प्रशिक्षित व्यक्ति विदेश पलायन कर जाते हैं ।
  • भारत से डॉक्टर व्यापक रूप से विदेशों में पलायन कर रहे हैं जबकि भारत में डॉक्टरों की संख्या का जनसंख्या से अनुपात में काफी कम है।
  • बायो-टेक्नोलोजी और बायो-इंजीनियरिंग में प्रशिक्षित अधिकांश पेशेवरों का विदेश चले जाने के कारण भारतीय शोध केंद्रों को अच्छी गुणवत्ता के शोधकर्ता नहीं मिल पाते।

सरकार के प्रयास

  • प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन।
  • भारतीय मूल का व्यक्ति (Persons of Indian Origin-PIO) और ओवरसीज़ सिटीज़नशिप ऑफ इंडिया (Overseas Citizenship Of India , OCI ) कार्डों का विलय, जिससे प्रवासी भारतीयों एवं भारतीय मूल के लोगों की भारत आवाजाही में बाधा न आए ।
  • वज्र योजना (VAJRA YOJNA) के द्वारा प्रवासी भारतीय का देश में विज्ञान -प्रौद्योगिकी एवं नवोन्मेष के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रोत्साहित करना।
  • ‘नो इंडिया प्रोग्राम’ (Know India Programme) के द्वारा 18 से 30 साल के प्रवासी भारतीय युवाओं को भारत की संस्कृति, दर्शन, इतिहास आदि से परिचित कराने के लिये भारत भ्रमण का मौका देना।