नोडल मंत्रलयः मानव संसाधन विकास मंत्रलय (वर्तमान में शिक्षा मंत्रलय)।
उद्देश्यःउच्चतर शैक्षिक संस्थाओं जो ग्रामीण सुधार कार्य हेतु स्वप्रेरित करना है, ग्रामीण कार्यों में ट्रैक रिकार्ड साबित हो चुका है और क्षेत्र दौरे जैसी प्रारंभिक प्रक्रियाओं के लिए अपने संसाधन सौंपने के इच्छुक हैं, को शामिल करना है।
ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में शैक्षिक सुधार |
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सुधार |
अन्य तथ्य |
1813 ई. के चार्टर अधिनियम |
उद्देश्यः सरकार को प्रतिवर्ष शिक्षा पर एक लाख रुपये खर्च करना। |
चार्ल्स वुड डिस्पैच 1854 |
गठनः लॉर्ड डलहौजी ने वर्ष 1854 में अध्यक्षः सर चार्ल्स वुड की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। उद्देश्यः भारत में भावी शिक्षा के लिए वृहत योजना तैयार करना था। इसे ‘भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा’ कहा गया। |
हंटर कमीशन 1882 |
गठनः लॉर्ड रिपन के वर्ष 1882 में अध्यक्षः डब्ल्यू- डब्ल्यू- हंटर । |
सैडलर आयोग 1917 |
गठनः वर्ष 1917 में अध्यक्षः डॉ- माइकल सैडलर (दो भारतीय आशुतोष मुऽर्जी एवं डॉ- जियाउद्दीन अहमद सदस्य)। |
हर्टाेग समिति 1929 |
गठनः वर्ष 1929 में अध्यक्षः फिलिप हर्टाेग उद्देश्यः सरकार ने शिक्षा के विकास पर रिपोर्ट देना। |
वर्धा योजना 1937 |
प्रस्तुतः अक्टूबर 1937 में प्रमुख प्रावधानः सात से चौदह वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था, शिक्षा का माध्यम मातृभाषा तथा छात्र की रुचि के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना। |
सर्जेण्ट योजना 1944 |
प्रस्तुतः वर्ष 1944 में प्रस्तुतकर्ताः सर जॉन सर्जेण्ट। |