राधाकृष्णन आयोग (1948-49)

गठनः वर्ष 1948 में।

सुझावः आयोग ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों के वेतनक्रमों में सुधार, ग्रामीण विश्वविद्यालयों की स्थापना, शिक्षा का माध्यम क्षेत्रीय भाषायें रखना, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, स्नातक पाठयक्रम की अवधि तीन वर्ष, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्थापना आदि प्रमुख सुझाव दिया।

सुझाव के आधार परः 1953 में ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग’ की स्थापना की गई।