गठनः वर्ष 1952 में।, अध्यक्षः मुदालियर।, उद्देश्यः माध्यमिक शिक्षा के विकास के संबंध में।
सुझावः स्कूलों की 12वीं कक्षा को विश्वविद्यालयों के साथ जोड़कर तीन वर्षीय स्नातक पाठड्ढक्रम लागू करना, बहुउद्देश्यीय विद्यालयों की स्थापना करना, विद्यालयों में कैरियर मास्टर्स की नियुक्तियां करना, कोर विषयों को आवश्यक किया जाना तथा ‘अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षा परिषद’ की स्थापना करना।