स्वीकृतिः अगस्त, 1986 में।
लक्ष्यः इसके तहत संपूर्ण देश में पाठयक्रमों/शैक्षिक स्तरों को एकरूपता और समरूपता प्रदान करने, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को विशेष महत्व देने, विश्वविद्यालयीय स्तर के शिक्षकों को प्रशिक्षण की व्यवस्था करने, अखिल भारतीय शिक्षा सेवा की स्थापना करने, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा तथा ग्रामीण बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु नवोदय विद्यालयों की स्थापना का प्रावधान किया गया