यह 3ई अर्थात ऊर्जा, अर्थव्यस्था, प्रवासियों के लिए महत्व रखता है। भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा तथा व्यापार सम्बन्धी मुद्दों का महत्व है, क्योंकि भारत 53% तेल आयात और 41% गैस का आयात इस क्षेत्र से करता है।
भारत के रहने वाले 90 लाख भारतीयों द्वारा 40-50 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा भारत को भेजते हैं, जो लगभग भारत के सकल घरेलू उत्पाद के दो-तिहाई के बराबर है।
यह क्षेत्र भारत के विस्तारित पड़ोस की नीति का अभिन्न भाग है। क्योंकि पीजीआर की भौगोलिक निकटता हितों के विस्तार और इस सम्पूर्ण क्षेत्र में बढ़ते भारतीय प्रभाव को संदर्भित करता है।