उपराष्ट्रपति ने ‘भारत-कतर स्टार्टअप ब्रिज’ का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ना है।
70,000 से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप के साथ भारत वैश्विक स्तर पर स्टार्टअप के लिये तीसरे सबसे बड़े पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में उभरा है। भारत में 100 यूनिकॉर्न हैं, जिनका कुल मूल्यांकन 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
उपराष्ट्रपति नायडू ने कतर के साथ घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए भारत द्वारा दिए गए उच्च महत्व पर बल देते हुए व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और बहुआयामी द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उपराष्ट्रपति की ये पहली कतर यात्र थी।