हाल ही में, बाह्य अंतरिक्ष मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOOSA) और ऑस्ट्रिया की सरकार द्वाराविश्व अंतरिक्ष मंच, 2022 का आयोजन किया गया था। इसकी थीम “पृथ्वी पर संधारणीयता के लिए अन्तरिक्ष में संधारणीयता” थी।
प्रमुख बिंदु
अंतरिक्ष संधारणीयता की आवश्यकताः अगले दशक में उपग्रह प्रक्षेपणों की संख्या में वृद्धि से अंतरिक्ष कक्षा में भीड़ और टक्कर का खतरा बढ़ेगा। संधारणीयता के द्वारा इस खतरे को कम किया जा सकता है।
जोखिम
कक्षीय भीड़ और अन्तरिक्ष मलबाः यह अन्तरिक्ष मिशन के संचालन और सुरक्षा के समक्ष प्रत्यक्ष जोखिम उत्पन्न करता है। कानूनी और बीमा संबंधी चुनौतियां उत्पन्न कर सकता है। उदाहरण के लिए - सैटेलाइट टी.वी. और वैश्विक संचार की बढ़ती मांग के कारण भू-तुल्यकालिक कक्षा में संचार उपग्रहों को कक्षीय स्थान के लिए अत्यधिक प्रतिस्पर्द्धा का सामना करना पड़ता है।
बाह्य अंतरिक्ष के सतत उपयोग के लिए पहलः वर्ष 2019 में बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग (COPUOs) पर संयुक्त राष्ट्र समिति ने स्वैच्छिक व गैर-बाध्यकारी दिशा-निर्देशों को अपनाया था। ये दिशा-निर्देश बाह्य अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक संधारणीयता सुनिश्चित करने पर लक्षित हैं।