अंतरिक्ष संधारणीयता

हाल ही में, बाह्य अंतरिक्ष मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOOSA) और ऑस्ट्रिया की सरकार द्वाराविश्व अंतरिक्ष मंच, 2022 का आयोजन किया गया था। इसकी थीम “पृथ्वी पर संधारणीयता के लिए अन्तरिक्ष में संधारणीयता” थी।

प्रमुख बिंदु

  • विश्व अंतरिक्ष मंच एक ऐसा मंच है, जो वैश्विक सतत विकास में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौधोगिकी की भूमिका पर वैश्विक परिचर्चा को बढ़ावा देता है।
  • यह व्यापक अंतरिक्ष समुदाय के हितधारकों को एक मंच प्रदान करता है। इसमें सरकारी संस्थानों, अन्तरराष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठनों और गैर-सरकारी संस्थानों के साथ-साथ उद्योग, निजी क्षेत्रक और शिक्षाविद् शामिल हैं।

अंतरिक्ष संधारणीयता की आवश्यकताः अगले दशक में उपग्रह प्रक्षेपणों की संख्या में वृद्धि से अंतरिक्ष कक्षा में भीड़ और टक्कर का खतरा बढ़ेगा। संधारणीयता के द्वारा इस खतरे को कम किया जा सकता है।

  • निजी अंतरिक्ष संगठनों (स्पेसएक्स, ब्लू ओरिजिन आदि) के प्रवेश करने के कारण अंतरिक्ष मिशन में वृद्धि हुई है। उपग्रह-रोधी हथियार (ASAT) परीक्षणों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

जोखिम

कक्षीय भीड़ और अन्तरिक्ष मलबाः यह अन्तरिक्ष मिशन के संचालन और सुरक्षा के समक्ष प्रत्यक्ष जोखिम उत्पन्न करता है। कानूनी और बीमा संबंधी चुनौतियां उत्पन्न कर सकता है। उदाहरण के लिए - सैटेलाइट टी.वी. और वैश्विक संचार की बढ़ती मांग के कारण भू-तुल्यकालिक कक्षा में संचार उपग्रहों को कक्षीय स्थान के लिए अत्यधिक प्रतिस्पर्द्धा का सामना करना पड़ता है।

  • कक्षाओं में उपग्रहों की अत्यधिक भरमार से ‘केसलर सिंड्रोम’ नामक एक चैन रिएक्शन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिनमें पृथ्वी की निम्न भू-कक्षा में पिंडों का घनत्व इतना अधिक बढ़ जाता है कि दो पिंडों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस स्थिति से एक व्यापक कैस्केडिंग इफेक्ट अर्थात परस्पर टकराव का एक विनाशकारी चक्र आरम्भ हो जाता है। ऐसे में पिंडों के बीच होने वालाप्रत्येक टकराव, अत्यधिक मलबा उत्पन्न करता है तथा आगे चलकर टकराव की सम्भावना को बढ़ाता है।

बाह्य अंतरिक्ष के सतत उपयोग के लिए पहलः वर्ष 2019 में बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग (COPUOs) पर संयुक्त राष्ट्र समिति ने स्वैच्छिक व गैर-बाध्यकारी दिशा-निर्देशों को अपनाया था। ये दिशा-निर्देश बाह्य अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक संधारणीयता सुनिश्चित करने पर लक्षित हैं।

  • यूनाइटेड किंगडम ने संधारणीय अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए आर्टेमिस एकॉर्ड्स पर आधारित ‘एस्ट्रो कार्टा’ की योजना बनाई है।
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो/ISRO) ने अपनी अंतरिक्ष संपदाओं की सुरक्षा के लिए अंतरिक्ष मलबे पर निगरानी रखने हेतु ‘प्रोजेक्ट नेत्र’ शुरू किया है। इसरो अंतरिक्ष कक्षा में सेवा प्रदान करने के लिए SPADEX भी विकसित कर रहा है।