लासा बुखार पशु जनित (जुनोटिक) रोग है, जो लासा वायरस के कारण होता है। यह वायरस पहली बार वर्ष 1969 में नाइजीरिया में खोजा गया था।
लासा बुखार एक वायरल रत्तफ़स्रावी रोग है, जो लासा वायरस के कारण होता है। यह वायरस चूहों के मल-मूत्र के संपर्क में आने से मनुष्य में प्रेषित होता है।
यह खांसी, छींक, स्तनपान और अन्य मानव संपर्क के साथ-साथ टिशू, रक्त, शरीर के तरल पदार्थ, स्राव या उत्सर्जन के संपर्क में आने से मानव में फैलता है तथा अस्पतालों में यह बीमारी दूषित उपकरणों से फैलती है।
उपचारः रिबाविरिन (Ribavirin) एक एंटीवायरस दवा है, जिसका उपयोग लासा बुखार के उपचार में किया जाता है। यह दवा शरीर में जल की आवश्यक मात्र, ऑक्सीजन के स्तर आदि को बनाए रखने में सहायक है।