अनौपचारिक क्षेत्र श्रमिकों और आर्थिक इकाइयों द्वारा की जाने वाली सभी आर्थिक गतिविधिायों को संदर्भित करता है जो औपचारिक व्यवस्था के अंतर्गत शामिल नहीं होती या अपर्याप्त रूप से शामिल होती है। असंगठित क्षेत्र में राष्ट्रीय उद्यम आयोग (एनसीईयूएस) के अनुसार, असंगठित या अनौपचारिक क्षेत्र में वे सभी असंगठित निजी उद्यम होते हैं, जो किसी एकल स्वामित्व या साझेदारी के आधाार पर संचालित वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री और उत्पादन में लगे व्यक्तियों और परिवारों के स्वामित्व में होते हैं और इसमें कुल श्रमिकों की संख्या 10 से कम हो।
अनौपचारिक क्षेत्र से सम्बन्धित प्रमुख सरकारी पहलें
चुनौतियाँ
लैंगिक असमानता: आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के आँकड़ों के अनुसार मार्च 2021 में महिला श्रम बल की भागीदारी दर घटकर 21.2% हो गई जो एक वर्ष पूर्व 21.9% रही थी।महिलाएँ अनौपचारिक प्रतिभागियों में से बहुसंख्यक का गठन करती हैं, लेकिन उन्हें न्यूनतम लाभ प्राप्त होता है
आर्थिक शोषण: अनौपचारिक रोज़गार में कोई लिखित अनुबंध, सवैतनिक अवकाश नहीं होता और इसलिये कोई न्यूनतम मज़दूरी नहीं निर्धारित होती है, न ही कार्य की शर्तों पर ध्यान दिया जाता है।अनौपचारिक क्षेत्र के लिये वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages 2019) अभी भी दायरे और प्रभावकारिता में सीमित है।
कराधान की कमी: चूँकि अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के व्यवसाय प्रत्यक्ष रूप सेविनियमित नहीं होतेहैं, वे आम तौर पर नियामक ढाँचे से आय एवं व्यय छुपाकर एक या एक से अधिक करों से बचने का प्रयास करते हैं।
कोई निश्चित कार्य समय नहीं: असंगठित क्षेत्र में भारत में लागू श्रम मानकों से परे लंबे समय तक कार्य कराना आम स्थिति है। विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में काम करने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है।
गरीबी का भँवरजाल: असंगठित क्षेत्र के कामगारों में व्याप्त गरीबी दर संगठित क्षेत्र के उनके समकक्षों की तुलना में बहुत अधिक है कम मज़दूरी के कारण कम पोषण ग्रहण और उत्पन्न स्वास्थ्य कठिनाइयाँ उनके जीवन के लियेजोखिम उत्पन्न करती हैं।
समाधान
पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल बनाना: अनौपचारिक व्यावसायिक आचरण के लिये नियमों को सरल बनाने की आवश्यकता है जो अनौपचारिक उद्यमों और उनके श्रमिकों को औपचारिकता के दायरे में लाएँगे।
स्व-सहायता समूह का विकास ;- यह पहल अनौपचारिक श्रमिकों को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा कार्यस्थितियों से संबंधित समस्याओं का समाधान करने में मदद कर सकती है
आगे की राह