अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक करना

अनौपचारिक क्षेत्र श्रमिकों और आर्थिक इकाइयों द्वारा की जाने वाली सभी आर्थिक गतिविधिायों को संदर्भित करता है जो औपचारिक व्यवस्था के अंतर्गत शामिल नहीं होती या अपर्याप्त रूप से शामिल होती है। असंगठित क्षेत्र में राष्ट्रीय उद्यम आयोग (एनसीईयूएस) के अनुसार, असंगठित या अनौपचारिक क्षेत्र में वे सभी असंगठित निजी उद्यम होते हैं, जो किसी एकल स्वामित्व या साझेदारी के आधाार पर संचालित वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री और उत्पादन में लगे व्यक्तियों और परिवारों के स्वामित्व में होते हैं और इसमें कुल श्रमिकों की संख्या 10 से कम हो।

  • अनौपचारिक क्षेत्र वर्तमान में भारत में श्रम बाज़ार परिदृश्य की केंद्रीय विशेषताओं में से एक बन गया है यह देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग आधे भाग का योगदान करता है, कुल कार्यबल का 90% से अधिक भाग अनौपचारिक अर्थव्यवस्था से संलग्न है। श्रम पोर्टल पर पंजीकृत 27.69 करोड़ अनौपचारिक क्षेत्र के कामगारों में से 94% से अधिक की मासिक आय 10,000 रुपये या उससे कम है।
  • यहाँ नामांकित कार्यबल का 74% से अधिक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित है। तथा 61.72 प्रतिशत कामगार 18-40 आयु वर्ग के हैं, जबकि 22.12 प्रतिशत 40-50 आयु वर्ग के हैं।

अनौपचारिक क्षेत्र से सम्बन्धित प्रमुख सरकारी पहलें

  1. ई- श्रम पोर्टल ;- ई-श्रम पोर्टल सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कार्यान्वयन में सुधार करने के उद्देश्य से भी आरंभ किया गया है।
  2. ई-श्रम कार्ड योजना ;- केंद्र सरकार ई-श्रम कार्ड योजना के अंतर्गत निर्माण श्रमिक, प्रवासी श्रमिक और प्लेटफार्म श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर, घरेलू श्रमिक, कृषि श्रमिक आदि सहित सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का केंद्रीकृत डेटाबेस का निर्माण करना है।
  3. प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन ;- इसके तहत 15 हजार रुपए से कम इनकम वाले मजदूरों को 60 साल की उम्र के बाद 3000 रुपए प्रति माह की पेंशन देगी।
  4. पीएम स्वनिधि: स्ट्रीट वेंडर्स के लिये सूक्ष्म ऋण योजना ;- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (स्वनिधि) योजना को सूक्ष्म-ऋण सुविधा के रूप में जून 2020 में शुरू किया गया था।
  5. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ;- भूमि धारक किसानों की आय बढ़ाने के लिए, भारत सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना पीएम-किसान योजना के तहत, सीधे किसानों के खातों में 6000 रूपये वार्षिक धन हस्तांतरित करने का प्रावधान किया गया है |

चुनौतियाँ

लैंगिक असमानता: आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के आँकड़ों के अनुसार मार्च 2021 में महिला श्रम बल की भागीदारी दर घटकर 21.2% हो गई जो एक वर्ष पूर्व 21.9% रही थी।महिलाएँ अनौपचारिक प्रतिभागियों में से बहुसंख्यक का गठन करती हैं, लेकिन उन्हें न्यूनतम लाभ प्राप्त होता है

आर्थिक शोषण: अनौपचारिक रोज़गार में कोई लिखित अनुबंध, सवैतनिक अवकाश नहीं होता और इसलिये कोई न्यूनतम मज़दूरी नहीं निर्धारित होती है, न ही कार्य की शर्तों पर ध्यान दिया जाता है।अनौपचारिक क्षेत्र के लिये वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages 2019) अभी भी दायरे और प्रभावकारिता में सीमित है।

कराधान की कमी: चूँकि अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के व्यवसाय प्रत्यक्ष रूप सेविनियमित नहीं होतेहैं, वे आम तौर पर नियामक ढाँचे से आय एवं व्यय छुपाकर एक या एक से अधिक करों से बचने का प्रयास करते हैं।

कोई निश्चित कार्य समय नहीं: असंगठित क्षेत्र में भारत में लागू श्रम मानकों से परे लंबे समय तक कार्य कराना आम स्थिति है। विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में काम करने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है।

गरीबी का भँवरजाल: असंगठित क्षेत्र के कामगारों में व्याप्त गरीबी दर संगठित क्षेत्र के उनके समकक्षों की तुलना में बहुत अधिक है कम मज़दूरी के कारण कम पोषण ग्रहण और उत्पन्न स्वास्थ्य कठिनाइयाँ उनके जीवन के लियेजोखिम उत्पन्न करती हैं।

समाधान

पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल बनाना: अनौपचारिक व्यावसायिक आचरण के लिये नियमों को सरल बनाने की आवश्यकता है जो अनौपचारिक उद्यमों और उनके श्रमिकों को औपचारिकता के दायरे में लाएँगे।

स्व-सहायता समूह का विकास ;- यह पहल अनौपचारिक श्रमिकों को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा कार्यस्थितियों से संबंधित समस्याओं का समाधान करने में मदद कर सकती है

आगे की राह

  • अनौपचारिक कामगारों की शिकायतों को समय-समय पर एक सुलभ एवं आधिकारिक निगरानी तंत्र के माध्यम से सुना जाना चाहिय और उनका निवारण किया जाना चाहिय।
  • राज्य नीति के निदेशक सिद्धांत समान कार्य के लिये समान वेतन का निर्देश देते हैं (अनुच्छेद 39D)। महिला खेतिहर मज़दूरों को आमतौर पर उनके पुरुष समकक्षों की तुलना में कम मज़दूरी दी जाती है।
  • सरकार को प्रासंगिक विधायी समर्थन के माध्यम से राज्य नीति के इस निदेशक सिद्धांत को सशक्त बनाते हुए कार्यान्वित करना चाहिये।