जून, 2017 को चीनी सेना (People’s Liberation Army-PLA) ने सामरिक विवाद खड़ा करने के उद्देश्य से डोकलाम पठार में गुप्त रूप से प्रवेश लिया और वहां स्थित भूटानी बंकरों को नष्ट कर दिया।
भारतीय सेना के हस्तक्षेप के बाद पीएलए की गतिविधियों को रोक तो दिया, परंतु भारत-चीन के मध्य एक अनिश्चित गतिरोध को जन्म दे दिया, जो अभी तक जारी है।
वर्ष 1890 में सम्पादित हुए सिक्किम-तिब्बत कन्वेन्शन का संदर्भ देते हुए चीन कह रहा है कि भारत का यह कदम स्पष्ट रूप से चीनी-संप्रभुता का अतिक्रमण है।