मतदान से संबंधिात कैदियों के अधिाकार

उच्चतम न्यायालय ने देश के विभिन्न जेलों में बंद कैदियों को मतदान का अधिकार देने से संबद्ध दायर जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर प्रतिक्रिया मांगी है।

  • पीआईएल के माध्यम से जनप्रतिनिधित्व कानून के उस प्रावधान की वैधता को चुनौती दी गई है, जो कैदियों को मतदान से वंचित करता है।
  • याचिका में कहा गया है कि वर्गीकरण की यह कमी अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के तहत समानता के मौलिक अधिकार के विरुद्ध है।

विचाराधीन कैदियों पर एनसीआरबी की रिपोर्ट

  • 2021 की नवीनतम राष्ट्रीय अपराध रिपोर्ट ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट से पता चलता है कि 31 दिसंबर, 2021 तक देश भर की विभिन्न जेलों में कुल 5,54,034 कैदी बंद थे।
  • विचाराधीन कैदियों की संख्या 2020 में 3,71,848 से बढ़कर 2021 में 4,27,165 हो गई है, जिसमें 14.9% की बढ़ोतरी हुई।
  • राज्यवार आंकड़ेः देश में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक अंडरट्रायल (21.2%, 90,606 अंडरट्रायल) हैं, इसके बाद पिछले वर्ष के अंत में बिहार (13.9%, 59,577 अंडरट्रायल) और महाराष्ट्र (7.4%, 31,752 अंडरट्रायल) का स्थान है।