श्रीकृष्ण समिति

डिजिटल दुनिया में व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित करने के लिये एक फ्रेमवर्क की सिफारिश किये जाने हेतु जुलाई 2017 में न्यायमूर्ति बी. एन. श्रीकृष्ण की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय समिति की स्थापना की गई थी। इस मसौदे के तहत डेटा फिड्यूशरीज (वे एंटिटीज जो डेटा को एकत्रित एवं नियंत्रित करती हैं) द्वारा लोगों के पर्सनल डेटा की प्रोसेसिंग को रेगुलेट या नियमित करने का प्रयास किया गया था।

  • मसौदे में अपने डेटा के संबंध में नागरिकों को कई अधिकार दिये गए थे, जैसे- डेटा में संशोधन करना या फिड्यूशरी के पास स्टोर किये गए डेटा को हासिल करना आदि।
  • मसौदे के तहत यह प्रावधान किया गया था कि प्रत्येक डेटा फिड्यूशरी को भारत में स्थित सर्वर में सभी पर्सनल और संवेदनशील डेटा की ‘सर्विंग कॉपी’ रखनी होगी। साथ ही इस मसौदे में विभिन्न क्षेत्रें के सभी डेटा फिड्यूशरीज के लिये विशिष्ट नियम बनाने और उनका निरीक्षण करने हेतु एक डेटा प्रोटेक्शन ऑथोरिटी (DPA) के गठन का भी प्रावधान किया गया था।