संयुक्त राष्ट्र संकल्पना के बाद भारत ने मई 2000 में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 पारित किया और 17 अक्टूबर, 2000 को अधिसूचना जारी कर इसे लागू किया। इसे सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम, 2008 के माध्यम से संशोधित किया गया है-
इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को कानूनी मान्यता
डिजिटल हस्ताक्षर को कानूनी मान्यता
अपराध और उल्लंघन
साइबर अपराधों के लिए न्याय व्यवस्था
साइबर स्पेस में क्षेत्रधिकार संबंधी प्रावधान
कंप्यूटर संसाधनों से छेड़छाड़ की कोशिश-धारा 65
कंप्यूटर में संग्रहित डेटा के साथ छेड़छाड़ कर उसे हैक करने की कोशिश-धारा 66
संवाद सेवाओं के माध्यम से प्रतिबंधित सूचनाएं भेजने के लिए दंड का प्रावधान-धारा 66ए।