उद्देश्यः भारत में व्यक्तिगत डेटा संरक्षण को लेकर व्यापक और सार्थक बदलाव लाना है। इस विधेयक में व्यक्तियों और फर्मों/राज्य संस्थानों के बीच के संबंधों को संहिताबद्ध करने की परिकल्पना की गई है, जिसमें आम नागरिकों को ‘डेटा प्रिंसिपल’ (जिसकी जानकारी एकत्र की गई है) और कंपनियों तथा राज्य संस्थाओं को ‘डेटा फिड्यूशरीज’ (डेटा को संसाधित करने वाले) के रूप में परिभाषित किया गया है।