आर्द्रभूमि को आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 के तहत विनियमित किया जाता है। वर्ष 2010 के नियमों के अंतर्गत केंद्रीय आर्द्रभूमि नियामक प्राधिकरण का प्रावधान किया गया था, लेकिन वर्ष 2017 में नए नियमों के अंतर्गत इसके स्थान पर राज्य-स्तरीय निकायों की व्यवस्था की गई। साथ ही एक राष्ट्रीय आर्द्रभूमि समिति बनाई गई, जो सलाहकार की भूमिका में कार्य करती है।