भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधो का विकास

ऑस्ट्रेलिया और भारत ने पहली बार वर्ष 1941 में सिडनी में एक व्यापार कार्यालय के साथ सर्वप्रथम स्वतंत्रता से पूर्व राजनयिक संबंध स्थापित किये तथा मार्च 1944 में लेफ्रिटनेंट जनरल इवेन मैके (Iven Mackay) को भारत में ऑस्ट्रेलिया का पहला उच्चायुक्त नियुक्त किया गया। वर्ष 2008 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पारस्परिक विधिक सहायता संधि (Mutual Legal Assistance Treaty-MLAT) और प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) पर हस्ताक्षर किये गए थे।

ऑस्ट्रेलिया का विजन इंडिया 2035: इसे वर्ष 2018 में लॉच किया गया था तथा फूड पार्टनरशिप, ऽनन कारोबार का विस्तार और हवाई संपर्क को बेहतर बनाना आदि इसके फोकस क्षेत्र में शामिल हैं।

2035 के लिए तीन प्रमुख लक्ष्यः 1. भारत को ऑस्ट्रेलिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार बनाने के लिए निर्यात को तिगुना करना; 2. भारत को एशिया में तीसरे सबसे बड़े ऑस्ट्रेलियाई बाहरी निवेश गंतव्य तक पहुंचाना; 3. भारत को ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी के आंतरिक घेरे में लाना होना चाहिए को शामिल किया गया है।

  • इस विजन के तहत ऑस्ट्रेलिया और भारतीय राज्यों के बीच संबंधों को मजबूत करके भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में सुधार के लिये व्यापक सिफारिशें की गई हैं।
  • यह भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक भविष्य का रोडमैप प्रदान करती है। ऑस्ट्रेलिया यह मानता है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और अगले 20 सालों में ऑस्ट्रेलियाई कारोबार के लिये किसी भी अन्य एकल बाजार की तुलना में अधिक अवसर प्रदान करता है।
  • ऑस्ट्रेलिया ने दस भारतीय राज्यों पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति को अपनाया है तथा शिक्षा, कृषि व्यवसाय, संसाधन ऊर्जा और पर्यटन को उन क्षेत्रें के रूप में रणनीतिक प्राथमिकता प्रदान किया है; जिनमें यह पारस्परिक लाभ के लिए भारत के साथ संबंधों को गहरा करने में विशेष रूप से अच्छा कर सकता है।