यह अमेरिकी रक्षा विभाग और भारत सरकार के रक्षा मंत्रलय के बीच हुआ एक संचार समझौता है। यह समझौता भारत और अमेरिका को उन्नत उपग्रह तथा स्थलाकृतिक डेटा जैसे- मानचित्र, सामुद्रिक एवं वैमानिकी चार्ट, भू-गणितीय, भू-भौतिकी, भू-चुंबकीय एवं गुरुत्वाकर्षण डेटा सहित सैन्य जानकारी साझा करने की अनुमति देगा।