महिला विकास से संबंधित अनुच्छेद

अनुच्छेद 14ः महिलाओं और पुरुषों को राजनीतिक आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है।

अनुच्छेद 15ः धर्म, रंग जाति और लिंग के आधार पर किसी नागरिक के प्रति भेदभाव करना निषेध किया गया है।

अनुच्छेद 15(3) महिलाओं के पक्ष में सकारात्मक भेद करने के लिए समर्थ कार्य विशेष उपबंध किया गया है।

अनुच्छेद 39(क): राज्य अपनी नीति का इस प्रकार संचालन करेगा कि सभी नागरिकों को समान रूप से जीविका के पर्याप्त साधन प्राप्त करने का अधिकार हो।

अनुच्छेद 39ः राज्य को पुरुष एवं स्त्री दोनों को समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।

अनुच्छेद 39(घ): पुरुष और स्त्री कर्मकारों के स्वास्थ्य और शत्तिफ़ तथा बालकों की सुकुमार अवस्था का दुरुपयोग न होना सुनिश्चित करता है।

अनुच्छेद 42ः राज्य को काम की न्यायसंगत और मानवोचित दशाओं को सुनिश्चित करने के लिए तथा प्रसूति सहायता के लिए आदेश देता है।

अनुच्छेद 51ः इसमें उल्लेख है कि सभी भारतीय नागरिकों का कर्तव्य है कि वे धार्मिक भाषाई एवं क्षेत्रीय तथा वर्गीय विविधताओं के बावजूद समस्त भारत के लोगों के बीच सौहार्द्र और समान भाईचारा की भावना को बढ़ावा दें तथा महिलाओं की प्रतिष्ठा को कम करने वाली प्रथाओं को समाप्त करें।

अनुच्छेद 325ः मतदाता सूची में शामिल करने के संबंध में बिना किसी भेदभाव के पुरुषों एवं महिलाओं, दोनों लिंगों के व्यत्तिफ़यों के लिए समान अधिकारों की गारंटी प्रदान करता है।

अनुच्छेद 243D: इसके तहत पंचायती राज संस्थाओं के सभी स्तरों पर एक-तिहाई सीटों और पंचायती राज संस्थाओं के अध्यक्ष के एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।