सुशासन का नया आधार बना 'प्रगति'

  • 25 मार्च, 2015 को शुरू की गई 'प्रगति' पहल न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के दृष्टिकोण का प्रतीक है।
  • यह कार्यक्रम भारत की विकास यात्रा को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सहयोग, पारदर्शिता और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देता है।
  • प्रगति पहल के जरिए बुनियादी ढांचे पर खर्च किया गया प्रत्येक रुपया जीडीपी को 2.5- 3.5 रुपये का लाभ देता है।
  • प्रगति पहल ने अपने शुभारंभ के बाद से जून 2023 तक 17.05 लाख करोड़ रुपये की 340 रुकी हुई परियोजनाओं की समीक्षा की है।
  • पर्यावरण संबंधी मंजूरी में पहले 600 दिन लगते थे, परन्तु अब प्रगति पहल के माध्यम से सिर्फ 70-75 दिन ही ....
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