राज्य सभा ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2019 को पारित किया है। यह विधेयक गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 में संशोधन करता है।
इस अधिनियम के अंतर्गत जांच अधिकारी को उन संपत्तियों को जब्त करने से पहले पुलिस महानिदेशालय से मंजूरी लेनी होती है, जो आतंकवाद से संबंधित हो सकती हैं।
विधेयक के अनुसार, अगर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी द्वारा जांच की जा रही है तो ऐसी संपत्ति की जब्ती से पहले NIA के महानिदेशक से पूर्व मंजूरी लेनी होगी।