आतंकवादी गतिविधिा रोकथाम कानून 2002

वर्ष 2002 में आतंकवादी गतिविधि रोकथाम कानून (Prevention of Terrorism Act) बनाया गया।

  • इस कानून के तहत ऐसी कोई भी कार्रवाई, जिसमें हथियारों या विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ हो अथवा जिसमें किसी की मौत हो जाए या कोई घायल हो जाए आतंकवादी कार्रवाई मानी जाती थी।
  • इस कानून में पुलिस को यह भी अधिकार दिया गया था कि वह बिना वारंट के किसी की भी तलाशी ले सकती थी और टेलीफोन तथा अन्य संचार सुविधाओं पर नजर रखने का भी प्रावधान किया गया था।
  • वर्ष 2004 में केंद्र में नई सरकार आने के बाद इस कानून को निरस्त कर दिया गया।