रोडमैप 2030 (Roadmap 2030)

भारत-यूनाइटेड किंगडम वर्चुअल शिखर सम्मेलन में एक महत्वाकांक्षी ‘रोडमैप 2030’ (Roadmap 2030) को अपनाया गया, इसका उदेश्य दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाकर ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) का रूप प्रदान करना है।

  • यह रोडमैप अगले दस वर्षों में दोनों देशों के लोगों के बीच पारस्परिक संपर्कों, व्यापार एवं अर्थव्यवस्था, रक्षा व सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रें में गहन व मजबूत जुड़ाव का मार्ग प्रशस्त करेगा।
  • रोडमैप 2030 का दृष्टिकोण हमारे लोगों के बीच संपर्क को पुनर्जीवित और गतिशील करने के लिए है; फिर से सक्रिय व्यापार; रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाया, जो हिंद महासागर क्षेत्र और हिंद-प्रशांत को अधिक सुरक्षित बनाता है; जलवायु, स्वच्छ ऊर्जा में भारत-ब्रिटेन नेतृत्व; स्वास्थ्य जो बेहतरी के लिए एक वैश्विक शक्ति के रूप में कार्य करता है। इसके तहत सहयोग के निम्न पांच प्रमुख क्षेत्र की पहचान की गयी हैः

पहला, लोगों से लोगों के बीच संपर्कः इस दस्तावेज में अनुसंधान और नवाचार, शिक्षा, रोजगार, संस्कृति और क्षमता निर्माण में लोगों के बीच संबंध के रास्ते को और मजबूत करने के लिए संस्थागत तंत्रों के उन्नयन का आह्वान किया गया है।

दूसरा, व्यापार और निवेशः बाजार पहुंच, निर्यात को बढ़ावा देने और व्यापार साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते के समापन पर जोर दिया गया है।

तीसरा, रक्षा और सुरक्षाः भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए साइबर, अंतरिक्ष, अपराध और आतंकवादी खतरों और स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्रें की पहचान की गई है।

चौथा, जलवायु परिवर्तनः वैश्विक ग्रीन ग्रिड पहल, वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड हेतु तकनीकी, वित्तीय और अनुसंधान सहयोग स्वच्छ ऊर्जा, ई-गतिशीलता, टिकाऊ वित्तपोषण, हरित व्यवसाय आदि जैसे क्षेत्रें में कम लागत वाली जलवायु उपयुक्त प्रौद्योगिकियों पर सहयोग और सर्वोत्तम प्रथाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

पांचवां, स्वास्थ्य-स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए अपने अनुसंधान और नवाचार को मिलाकर ब्रिटेन और भारत के सहयोग को मजबूत करना है।