भारत व यूनाइटेड किंगडम ने ‘वैश्विक नवाचार साझेदारी’ की भी घोषणा की है, इसका उद्देश्य चुनिंदा विकासशील देशों को समावेशी भारतीय नवाचारों का हस्तांतरण करने में आवश्यक सहयोग प्रदान करना है। इस दिशा में शुरुआत अफ्रीका से होगी। ब्रिटेन अनुसंधान और नवाचार संबंधी सहयोग के क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा साझेदार है।
भारत के लिये ब्रिटेन का महत्त्वः भारत ने उन 5 क्षेत्रें को भी स्पष्ट किया है, जहां वह अपनी प्रगति को तेज करने के लिये तैयार है, जिसमें जीवन विज्ञान (Life Sciences), सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology), रसायन (Chemicals), सेवाएं और खाद्य तथा पेय (Services and Food - Drinks) शामिल हैं।