प्रसाद योजना

जनवरी, 2022 में पर्यटन मंत्रालय ने प्रसाद (PRASHAD) योजना के तहत ‘गोवर्धन का विकास, मथुरा’ परियोजना के विभिन्न घटकों का उद्घाटन किया।

  • सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत रामायण और बुद्ध सर्किट जैसे विभिन्न आध्यात्मिक सर्किटों के माध्यम से उत्तर प्रदेश राज्य के भीतर पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिये धन आवंटित किया।

प्रमुख बिंदु: पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2014-15 में चिह्नित तीर्थ स्थलों के समग्र विकास के उद्देश्य से ‘तीर्थयात्र कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्द्धन पर राष्ट्रीय मिशन’ शुरू किया गया था।

  • अक्टूबर 2017 में योजना का नाम बदलकर ‘तीर्थयात्र कायाकल्प और आध्यात्मिक विरासत संवर्द्धन अभियान’ (यानी ‘प्रसाद’) राष्ट्रीय मिशन कर दिया गया। आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की हृदय (HRIDAY) योजना के बंद होने के बाद विरासत स्थलों के विकास को प्रसाद योजना में शामिल किया गया।
  • प्रसाद योजना के तहत विकास के लिये कई धार्मिक शहरों/स्थलों की पहचान की गई है जैसे अमरावती और श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश), कामाख्या (असम), परशुराम कुंड (लोहित जिला, अरुणाचल प्रदेश), पटना और गया (बिहार) आदि।

कार्यान्वयन एजेंसीः इस योजना के तहत चिह्नित परियोजनाओं को संबंधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की सरकार द्वारा चिह्नित एजेंसियों के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा।