यह योजना संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित कुल 100 स्मारकों को इस योजना के तहत आदर्श स्मारक के रूप में विकसित और अनुरक्षित किया जा रहा है।
उद्देश्यः स्मारक को दिव्यांगों के लिए सुलभ बनाना;
स्मारक को आगंतुक हितैषी बनाना;
स्मारकों के आस-पास वॉशरूम, पीने का पानी, कैफेटेरिया और वाई-फाई सुविधाओं को अपग्रेड/उपलब्ध कराना;
अपशिष्ट जल और कचरा निपटान तथा वर्षा जल संचयन प्रणाली को सुव्यवस्थित करना;