महाकाल लोक कॉरिडोर

अक्टूबर, 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar temple) में ‘महाकाल लोक कॉरिडोर’ का उद्घाटन किया।

  • यह गलियारा 850 करोड़ रुपये के ‘महाकालेश्वर मंदिर कॉरिडोर विकास परियोजना’ (डंीांंसमेीूंत ज्मउचसम ब्वततपकवत क्मअमसवचउमदज च्तवरमबज) के पहले चरण का हिस्सा है।
  • वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर तथा उत्तराऽंड में केदारनाथ मंदिर के बाद महाकाल मंदिर तीसरा ‘ज्योतिर्लिंग’ स्थल है, जहां एक प्रमुऽ उन्नयन अभ्यास देऽने को मिलता है।
  • महाकाल कॉरिडोर विकास परियोजनाः इस परियोजना का उद्देश्य इस पूरे क्षेत्र में भीड़भाड़ को कम करना और विरासत संरचनाओं के संरक्षण और जीर्णाेद्धार पर विशेष जोर देना है। इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर का करीब सात गुना विस्तार किया जाएगा।
  • 800 करोड़ रुपये का महाकाल कॉरिडोर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के आकार का चार गुना है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2021 के अंत में किया गया था।
  • महाकालेश्वर मंदिर गलियारा विकास परियोजना मंदिर में आने वालों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएगी।
  • 900 मीटर से अधिक लंबाई वाले इस कॉरिडोर में जटिल नक्काशीदार बलुआ पत्थरों से बने लगभग 108 सौंदर्यपूर्ण अलंकृत स्तंभ होंगे, जो भगवान शिव के आनंद तांडव स्वरूप तथा भगवान शिव और देवी शत्तिफ़ की 200 मूर्तियों और भित्ति चित्रें को दर्शाएंगे।

महाकालेश्वर मंदिर

  • महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है तथा भारत में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों (भगवान शिव का प्रतीक) में से एक है।
  • हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, मंदिर का निर्माण भगवान ब्रह्मा द्वारा किया गया था और वर्तमान में यह पवित्र ‘क्षिप्रा’ (ज्ञेीपचतं) नदी के किनारे स्थित है।
  • महाकाल दक्षिण की ओर मुऽ वाला एकमात्र ज्योतिर्लिंग है, जबकि अन्य सभी ज्योतिर्लिंगों का मुऽ पूर्व की ओर है।