भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन परियोजना

जून 2022 से भारत और बांग्लादेशके बीच आरम्भकी गईमैत्री पाइपलाइन के माध्यम से बांग्लादेश को डीजल की आपूर्ति शुरू कर देगी। 2018 में हस्ताक्षरित भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन परियोजना (India-Bangladesh Friendship Pipeline Project), भारत में पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी और बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के परबतीपुर को जोड़ेगी।

  • भारत से डीजल आयात करने के लिए 131.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निर्माण किया गया है, जिसमें से 126.5 किमी बांग्लादेश में और 5 किमी भारत में है।
  • IBFPL परियोजना का उद्देश्य आयातित ईंधन तेल के परिवहन को सुविधाजनक बनाना और बांग्लादेश के लिए इसकी परिवहन लागत को कम करना है।

डीजल आयात की प्री-कमीशनिंगः इस पाइपलाइन के जरिए डीजल आयात की प्री-कमीशनिंग का काम फिलहाल चल रहा है।

यह अंतर्राष्ट्रीय पाइपलाइन नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) के सिलीगुड़ी स्थित मार्केटिंग टर्मिनल से बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के पारबतीपुर डिपो तक डीजल ले जाएगी।

पृष्ठभूमिः भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन (IBFPL) के लिए ग्राउंडब्रेकिंग समारोह सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा आयोजित किया गया था।

  • इस पाइपलाइन की क्षमता एक मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) है और इसे भारत सरकार से अनुदान सहायता के तहत बनाया जा रहा है।
  • यह ईंधन तेल उत्पादों को पश्चिम बंगाल राज्य में भारत के सिलीगुड़ी मार्केटिंग टर्मिनल से बांग्लादेश में निर्यात करने में सक्षम करेगा।

ईंधन तेल पर ढाका-दिल्ली समझौताः ढाका-दिल्ली समझौते के अनुसार, पहले चरण में पाइपलाइन के माध्यम से 15 साल के लिए ईंधन तेल बांग्लादेश पहुंचाया जाएगा और देशों की सहमति पर यह अवधि बढ़ाई जाएगी।