संबंधों का विकास

ऑपरेशन देवी शक्ति 2021: भारत ने युद्धग्रस्त अफगानिस्तान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन देवी शक्ति’ (Operation Devi Shakti) आरम्भ किया था। एयर इंडिया की एक विशेष उड़ान में दुशांबे (ताजिकिस्तान) से 25 भारतीय नागरिकों सहित 78 लोगों को भारत लाए जाने के बाद यह घोषणा की गई। उनके अलावा, गुरु ग्रंथ साहिब की तीन प्रतियां भी वापस लाई गईं।

सलमा बांधः अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में स्थित सलमा बांध एक जल विद्युत परियोजना है। जिसका निर्माण भारत द्वारा साल 2016 में किया गया था। इसे भारत-अफगान मैत्री बांध के रूप में भी जाना जाता है। इसका निर्माण भारत की मिनी रत्न कंपनी डब्ल्यूएपीसीओएस द्वारा किया गया है। इस बांध के निर्माण में भारत द्वारा 275 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया है।

जरांज-डेलाराम राजमार्गः भारतीय सीमा सड़क संगठन ने 218 किलोमीटर लंबे जरांज-डेलाराम राजमार्ग का निर्माण किया है यह अफगानिस्तान-ईरान बार्डर पर स्थित है। इसे खाश रूद नदी-डेलाराम-जरांज राजमार्ग के रूप से जाना जाता है। इसके जरिए दिल्ली से काबुल की कनेक्टिविटी आसान होती है। उसकी पाकिस्तान पर निर्भरता नहीं रह गई है। भारत ने चाहबार बंदरगाह के जरिए इसी रास्ते से 75 हजार टन गेहूं का निर्यात किया था।

संसद का भी निर्माणः 90 मिलियन डॉलर की लागत से भारत ने साल 2015 में अफगानिस्तान की संसद का निर्माण पूरा किया था। इसके अंदर बने एक ब्लॉक का नाम पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर है। संसद भवन को अफगानिस्तान में भारतीय लोकतंत्र की जीत के रूप में भी देखा जाता रहा है।

स्टोर महलः इस ऐतिहासिक महल का पुनरुद्धार 2016 में भारत ने किया था। इसी महल में साल 1919 में ऐतिहासिक रावलपिंडी समझौता हुआ था। इसके बाद अफगानिस्तान को स्वतंत्रता मिली थी। भारत के आगा खां ट्रस्ट ने भारत और अफगानिस्तान सरकार के साथ हुए समझौते के बाद इसका पुनर्निमाण किया।

इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर चाइल्ड हेल्थः भारत द्वारा साल 1971 में बनाए गए इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर चाइल्ड हेल्थ अस्पताल को 1996 में तालिबान की सत्ता में आने के बाद तोड़ दिया गया था। लेकिन जब 2001 में तालिबान का शासन खत्म हुआ तो फिर से उस अस्पताल का निर्माण भारत द्वारा कराया गया, जो कि 2007 तक पूरा हो गया।

शहतूत बांधः भारत ने अफगानिस्तान के साथ काबुल में पेय जल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शहतूत बांध के निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। इसे लालंदर बांध के नाम से भी जाना जाता है। काबुल नदी बेसिन में एक सिंचाई नेटवर्क का विकास भी भारत द्वारा किया जाएगा ।

  • इसके अलावा भारत काबुल में शहतूत बांध की निर्माण कर रहा है। इसके जरिए अफगानिस्तान के 20 लाख लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा। साथ ही करीब 80 मिलयन डॉलर के सामुदायिक विकास प्रोजेक्ट का निर्माण भी भारत कर रहा है।

दाहला बांधा

दाहला बांध को अरघानदाब (Arghandab) बांध के रूप में भी जाना जाता है। यह बांध अरघानदाब नदी पर निर्मित है। यह अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के शाह वली कोट जिले में स्थित है। इस बांध का निर्माण वर्ष 1952 में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किया गया था।

ऑपरेशन राहत (वर्ष 2015): इसे युद्ध प्रभावित यमन से भारतीयों और विदेशी नागरिकों को निकालने के लिए शुरू किया गया था।

ऑपरेशन सेफ होमकर्मिंग (वर्ष 2011): इसे लीबिया गृह-युद्ध में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए आरंभ किया गया था।

ऑपरेशन सुकून (वर्ष 2006): इसे युद्ध प्रभावित लेबनान से भारतीय, श्रीलंकाई और नेपाली नागरिकों को निकालने के लिए संचालित किया था।