अफ़गानिस्तान सरकार द्वारा भारत को निवेश के लिए आमंत्रण

दिसम्बर, 2022 में अफगानिस्तान सरकार ने भारत कोअफगानिस्ता में निवेश के लिए आमंत्रित किया है, साथ ही भारत द्वारा आरम्भ किये गए विभिन्न परियोजनाओ को पूरा करने का भी आह्वान किया। यद्यपि भारत सरकार ने अफगानिस्तान की तालिबानसरकार को अभी मान्यता नहीं दी है। जून 2022में भारत ने अफगानिस्तान में अपना दूतावास पुनः खोल दिया है, जिसे वर्ष 2021 में हुए हिंसक सत्ता परिवर्तन के बाद बंद कर दिया गया था।

भारत अब तक करीब तीन अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर चुका है। भारत ने अफगानिस्तान में जिन बड़े या महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को बनाया है उनमें से कुछ निम्नवत हैं:

  • हेरात प्रांत में 42 मेगावॉट का सलमा बांध
  • 218 किलोमीटर लम्बा जारांज-देलाराम हाईवे
  • 90 मिलियन डॉलर की लागत से बनी काबुल में अफगान संसद
  • स्टोर पैलेस का जीर्णोद्धार
  • पुल-ए-खुमरी से काबुल तक 220 किलोवॉट डीसी ट्रांसमिशन लाइन
  • इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर चाइल्ड हेल्थ का पुनर्निर्माण
  • काबुल में शाटूत बांध का काम अधूरा
  • बाला हिसार किले के जीर्णोद्धार का काम भी तालिबान के सत्ता में आने के बाद रुका