दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकी पेंगुइन संरक्षण

  • 22 Mar 2025

दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकी पेंगुइन (Spheniscus demersus) संरक्षण एक महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि यह प्रजाति अब अत्यधिक संकटग्रस्त (Endangered) हो चुकी है। पिछले कुछ दशकों में इनके संख्या में तेजी से गिरावट आई है, जिसके पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं।

संरक्षण के मुख्य कारण :

  • मत्स्य उद्योग का प्रभाव – इनके मुख्य आहार (सार्डिन और एंकोवी मछलियाँ) का अत्यधिक शिकार।
  • तेल रिसाव – समुद्र में तेल फैलने से पेंगुइन के पंख चिपचिपे हो जाते हैं, जिससे वे तैर नहीं पाते और भूख से मर जाते हैं।
  • प्राकृतिक आवास की हानि – समुद्र तटीय क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियाँ बढ़ने से उनके घोंसले बनाने की जगहें कम हो रही हैं।
  • जलवायु परिवर्तन – समुद्र का तापमान बढ़ने से उनके भोजन की उपलब्धता प्रभावित हो रही है।

संरक्षण प्रयास

  • SANCCOB (Southern African Foundation for the Conservation of Coastal Birds): यह संगठन घायल और बीमार पेंगुइनों का इलाज करता है और स्वस्थ होने पर उन्हें वापस समुद्र में छोड़ता है।
  • बोल्डर्स बीच और बेट्टीज़ बे में सुरक्षित क्षेत्र: यहाँ अफ्रीकी पेंगुइन कॉलोनियों के लिए संरक्षित क्षेत्र बनाए गए हैं, जहाँ पर्यटकों की गतिविधियों को सीमित किया गया है।
  • तेल रिसाव रोकने की पहल : सरकार और गैर-लाभकारी संगठन समुद्र में तेल रिसाव को नियंत्रित करने के लिए उपाय कर रहे हैं।
  • नए घोंसले बनाने के प्रयास: वैज्ञानिक कृत्रिम घोंसले बना रहे हैं ताकि पेंगुइन सुरक्षित रूप से प्रजनन कर सकें।
  • मछली पकड़ने पर प्रतिबंध: कुछ क्षेत्रों में सार्डिन और एंकोवी मछलियों के शिकार पर सीमित प्रतिबंध लगाए गए हैं ताकि पेंगुइनों को पर्याप्त भोजन मिल सके।