वेल्लोर सिटीजन वेलफेयर फोरम बनाम भारत संघ

वेल्लोर सिटीजन वेलफेयर फोरम बनाम भारत संघ मामले में सर्वप्रथम उच्चतम न्यायालय ने सतत विकास के सिद्धान्त को माना था।

  • तात्कालिक मामले में तमिलनाडु राज्य में कुछ टेनरियों पर विवाद उत्पन्न हुआ। ये टेनरियां पलार नदी में अपशिष्टों को प्रवाहित कर रहीं थीं, जो राज्य में पीने के पानी का मुख्य स्रोत था। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि क्षतिग्रस्त पर्यावरण का सुधार ‘सतत विकास’ की प्रक्रिया का हिस्सा है। इस तरह के प्रदूषणकर्ताओं को व्यक्तिगत पीडि़तों को मुआवजा का भुगतान करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी सुधार की लागत के लिए उत्तरदायी हैं।