उर्जित पटेल समिति (2014) की सिफारिश के आधार पर, भारत सरकार और त्ठप् द्वारा भी वर्ष 2015 में मौद्रिक नीति रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके बाद वर्ष 2016 में त्ठप् अधिनियम, 1934 में संशोधन किया गया।
इस संशोधन के मुख्य बिंदु:
मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण को RBI की मौद्रिक नीति में नॉमिनल एंकर के रूप में शामिल किया गया (RBI अधिनियम की धारा 45ZA)।
नॉमिनल एंकर (Nominal Anchor) से आशय देश में आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने सम्बन्धी नीति या फ्रेमवर्क से है।
मौद्रिक नीति समिति (MPC) को कानूनी और संस्थागत रूप प्रदान किया गया (धारा 45ZB)।