श्रीलंका सरकार ने 51 अरब डॉलर के अपने सभी विदेशी ऋण को कुछ समय के लिये डिफॉल्ट (Default) करने का निर्णय लिया है, अर्थात् वह विदेशी ऋण को चुकाने में असमर्थ रहेगा। साथ ही, श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से वित्तीय सहायता की प्रतीक्षा कर रहा है। श्रीलंका सरकार ने आवश्यक वस्तुओं के आयात के भुगतान के लिये अपने घटते विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने का निर्णय लिया है। फिच और स्टैंडर्ड एंड पूअर्स जैसी रेटिंग एजेंसियों ने श्रीलंका के सॉवरेन ऋण को कम कर दिया है।